Petrol disel supply मार्च 2026 के आखिरी दिनों में देशभर में एक बार फिर सोशल मीडिया पर पेट्रोल, डीजल और LPG की कथित कमी की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगने की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। लेकिन क्या वाकई ईंधन का संकट आने वाला है? जवाब है – बिल्कुल नहीं।
सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) ने एक साथ स्पष्ट कर दिया है कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। स्टॉक पूरी तरह पर्याप्त है और सप्लाई चेन बिना किसी रुकावट के चल रही है।
आइए इस पूरी स्थिति को विस्तार से समझते हैं – ताकि आप बिना किसी भ्रम के सही फैसला ले सकें।
तेल कंपनियों का आधिकारिक बयान – क्या कहा IOC, BPCL और HPCL ने?
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने साफ कहा, “पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। हमारे पेट्रोल पंप पर्याप्त स्टॉक से भरे हुए हैं और पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं।” कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और नॉर्मल खपत जारी रखें।
भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने कुछ इलाकों में कमी की खबरों को “पूरी तरह निराधार” बताया। कंपनी का कहना है कि भारत पेट्रोल और डीजल का नेट एक्सपोर्टर है। कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF का भरपूर भंडार मौजूद है। सप्लाई चेन में कहीं कोई व्यवधान नहीं है।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने भी यही दोहराया कि पेट्रोल, डीजल या LPG – किसी भी ईंधन की कमी नहीं है। स्टॉक पर्याप्त है और आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है।
तीनों कंपनियों का एक ही संदेश है – घबराहट में खरीदारी (panic buying) न करें। इससे न सिर्फ आपके पैसे का नुकसान होगा, बल्कि सामान्य सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है।
क्यों फैल रही हैं कमी की अफवाहें?
दरअसल, पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में चल रहे तनाव और युद्ध की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। खासतौर पर Qatar से LNG और Gulf देशों से LPG का आयात प्रभावित हुआ है। भारत LPG की लगभग 60% मांग आयात के जरिए पूरी करता है, इसलिए कुछ लोगों ने इसे लेकर अनुमान लगाना शुरू कर दिया।
लेकिन भारत सरकार और तेल कंपनियां पहले से ही तैयार हैं। हमने कच्चे तेल की खरीद के लिए West Africa, Latin America और अमेरिका जैसे वैकल्पिक स्रोतों पर भरोसा बढ़ा दिया है। नतीजतन, पेट्रोल और डीजल पर कोई असर नहीं पड़ा है।
LPG के मामले में सरकार ने घरेलू रसोई गैस को प्राथमिकता दी है। होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल उपयोगकर्ताओं के लिए सप्लाई को आधा कर दिया गया है ताकि आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो।
वर्तमान स्थिति क्या है? (26 मार्च 2026 अपडेट)
कल (25 मार्च) को कुछ शहरों जैसे इंदौर, गोरखपुर और प्रयागराज में अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखी गई। लेकिन कंपनियों ने फिर से भरोसा दिलाया है कि स्टॉक बिल्कुल पर्याप्त है। कोई पंप बंद नहीं हुआ है और न ही कोई कमी आने वाली है।
भारत पेट्रोल-डीजल का नेट एक्सपोर्टर होने के कारण घरेलू मांग आसानी से पूरी हो रही है।
आपको क्या करना चाहिए? 5 जरूरी सलाह
- अफवाहों पर भरोसा न करें – सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट, कंपनी के ट्वीट या PIB की जानकारी मानें।
- नॉर्मल खपत जारी रखें – जितना जरूरत है, उतना ही भरवाएं।
- घबराहट में स्टॉक न करें – इससे कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है।
- CNG और PNG का ज्यादा इस्तेमाल करें – जहां संभव हो, इससे LPG पर बोझ कम होगा।
अंत में – भरोसा रखें, घबराएं नहीं!
भारत की तेल कंपनियां और सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। विविध आयात स्रोतों और मजबूत स्टॉक की वजह से देश पूरी तरह सुरक्षित है। सोशल मीडिया की अफवाहें सिर्फ अनावश्यक तनाव पैदा करती हैं।





